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फसल बीमा एवं किसानों की वित्तीय स्थिरता पर शोध के लिए आईजीयू को 13 लाख रुपये का अनुदान।

Published on: 23 Jul 2026

फसल बीमा एवं किसानों की वित्तीय स्थिरता पर शोध के लिए आईजीयू को 13 लाख रुपये का अनुदान।


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर रेवाड़ी को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा हरियाणा राज्य अनुसंधान निधि के अंतर्गत 13 लाख रुपये का शोध अनुदान स्वीकृत किया गया है। यह अनुदान “फसल बीमा एवं किसानों की वित्तीय स्थिरता: विकसित भारत 2047 की परिकल्पना” विषय पर आधारित शोध परियोजना के लिए प्रदान किया गया है।

दो वर्ष की अवधि वाली इस शोध परियोजना का संचालन विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. सतीश कुमार मुख्य अन्वेषक के रूप में करेंगे। परियोजना में प्रो. दीपक गुप्ता तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. सतिंदर बाल गुप्ता सह-अन्वेषक के रूप में अपना योगदान देंगे।

हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा परियोजना की प्रथम किस्त के रूप में 7.54 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना की शेष अनुदान राशि शोध कार्य की संतोषजनक प्रगति, स्वीकृत धनराशि के उचित उपयोग तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनुपालना के आधार पर चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।

इस शोध परियोजना का प्रमुख उद्देश्य किसानों की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने में फसल बीमा की भूमिका का गहन अध्ययन करना है। इसके साथ ही किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, फसल हानि, बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव तथा अन्य कृषि जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में फसल बीमा योजनाओं की प्रभावशीलता का भी विश्लेषण किया जाएगा।

शोध के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि वर्तमान फसल बीमा योजनाएं किसानों को किस सीमा तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं तथा इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसानों को किन समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर कृषि जोखिम प्रबंधन को प्रभावी बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। यह शोध परियोजना विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप किसानों की आर्थिक सुरक्षा, कृषि क्षेत्र की स्थिरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना से प्राप्त निष्कर्ष नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, कृषि विशेषज्ञों तथा फसल बीमा से जुड़ी संस्थाओं के लिए उपयोगी सिद्ध होने की संभावना है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने सभी शोधकर्ताओं टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह शोध परियोजना किसानों की वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, फसल बीमा योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा कृषि क्षेत्र में सार्थक नीतिगत सुधारों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह, अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रो. सुनील कुमार तथा निदेशक शोध प्रो. पंकज त्यागी ने भी परियोजना से जुड़े सभी शोधकर्ताओं को बधाई दी।

इस शोध परियोजना की स्वीकृति इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि सामाजिक, आर्थिक एवं कृषि क्षेत्र से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर गुणवत्तापूर्ण और समाजोपयोगी शोध के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।